स्वपन दोष क्या है व इसकी चिकित्सा क्या है? Swpandosh or Nightfall kya hai? Swapandosh ya Nightfall Ki chikitsa kya hai?
स्वप्नदोष व इसकी आयुर्वेदिक चिकित्सा |
Swpandosh As its name in sanskrit(in english it is called as Nightfall) also suggests that it is a symptom in which the semen of a male gets ejaculated while dreaming. Nowadays youth know it as Night fall.
महर्षि चरक Charak के अनुसार
According to Maharishi Charak Charak
"स्वप्नं मनसः कामासक्तत्वात् शुक्र स्रावमयो दोषाख्यः रोगोरव्यो यः सो हिं स्वप्नदोषो भवति।।"
अर्थात "स्वप्न देखते समय मन के कामासक्त हो जाने पर वीर्य Semen का स्राव हो जाना ही स्वप्न दोष नामक रोग है।"
That is, "the secretion of semen when the mind becomes enamored while dreaming is a disease called dream defect."
आयुर्वेदानुसार स्वप्नदोष के कारण
आयुर्वेदज्ञों ने स्वप्न दोष Swpandosh के अनेकों कारण बतलाऐ हैं।सबसे प्रमुख कारण जो बतलाया गया है वह है स्त्री चिन्तन और भोग लालसा की अधिकता का होना।अतः इस रोग की समाप्ति के लिए मन की सुचिता सबसे प्रमुख दवा है।
Other causes of this disease are masturbation, anal sex, and constipation (constipation), bad thoughts, indigestion and the presence of anal worms, etc. can be due to many reasons.
अब स्वप्न दोष Swpandosh के कुछ योग में दे रहा हूँ ।
By the way, this disease comes under Prameha, it is also called Swapnameha. And the special thing is that most of the formulas of Ayurveda Prameha give meaningful treatment to Swapandosh. Now I am giving the ayurvedic formula for the treatment of Swpandosh or Nightfall.
वंश लोचन और सत गिलोय 20 20 ग्राम वंग भस्म, प्रवाल भस्म और मुक्ताशुक्ति भस्म 1-1ग्राम लेकर खरल में अत्यन्त महीन कर के रख लें ।
Vansh Lochan and Sat Giloy, take 20 grams of Vang Bhasma, Praval Bhasma and Muktashukti Bhasma 1-1 grams and keep them very finely in Kharal.
मात्रा - 500 मिली ग्राम तक शहद से प्रातः शाय सेबन करने से स्वपन दोष में उष्णता के कारण शु्क्रक्षय ,मूत्र की गड़वड़ी आदि विकार दूर हो जाते हैं।Dose - 500 mg of churna with honey two time Morning & Night, the problems caused by heat in the dosha, dryness of urine, etc., are removed.
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
हमारी वेवसाइट पर पधारने के लिए आपका धन्यबाद