गर्भाशय भ्रंश(प्रोलैप्स) व इससे जुड़ी जानकारियाँ - The Light Of Ayurveda

Breaking

Ads

test banner

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Post Top Ad

AYURVEDLIGHT.BLOGSPOT.COM

मंगलवार, 23 दिसंबर 2014

गर्भाशय भ्रंश(प्रोलैप्स) व इससे जुड़ी जानकारियाँ

अंग भ्रंश (प्रोलैप्स)

सामान्य योनि व अंग भ्रंश 
अंग भ्रंश के कारण क्या हैं?
जननेन्द्रिय की मांसपेशियों में कमजोरी के कारण अंग भ्रंश होता है- जो कि (1) बार-बार बच्चे के जन्म (2) वृद्दावस्था (3) फ्राइब्रायड के कारण मत्राशय मे थक्के आ जाने से (4) मोटापे या (5) रीढ़ की हड्डी में घाव होने से हो जाती है।
अंग भ्रंश के सामान्य लक्षण क्या हैं?
हर प्रकार के अंग भ्रंश में ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं- (1) जननेन्द्रिय में भारीपन का बोध होता है या लगता है कि वहां कुछ उग आया है (2) पीठ के निचले भाग में दर्द होता है जो किलेटने पर ठीक हो जाता है। (3) पेट के निचले भाग मे दर्द या दबाव (4) सम्भोग के समय पीड़ा या बेहोशी (5) मूत्र प्रवाह को रोक पान में असमर्थता या बहता मूत्र।
अंग भ्रंश के उपचार के लिए क्या विकास उपलब्ध हैं?
थोड़े से अंग भ्रंश का उपचार इन साधनों से हो सकता है- (1) जननेन्द्रिय का व्यायाम (2) गिरे हुए अंग को उसके स्थान पर रखने के लिए जननेन्द्रिय में पेसरी डालना। अंग भ्रंश की गम्भीर स्थिति में अनेक प्रकार की शल्य क्रियाएं ही उसका समाधान कर पाती है।
अंग भ्रंस से जुड़े चित्रों को देखने के लिए यहाँ क्लिक करें

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

हमारी वेवसाइट पर पधारने के लिए आपका धन्यबाद

OUR AIM

ध्यान दें-

हमारा उद्देश्य सम्पूर्ण विश्व में आय़ुर्वेद सम्बंधी ज्ञान को फैलाना है।हम औषधियों व अन्य चिकित्सा पद्धतियों के बारे मे जानकारियां देने में पूर्ण सावधानी वरतते हैं, फिर भी पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी औषधि या पद्धति का प्रयोग किसी योग्य चिकित्सक की देखरेख में ही करें। सम्पादक या प्रकाशक किसी भी इलाज, पद्धति या लेख के वारे में उत्तरदायी नही हैं।
हम अपने सभी पाठकों से आशा करते हैं कि अगर उनके पास भी आयुर्वेद से जुङी कोई जानकारी है तो आयुर्वेद के प्रकाश को दुनिया के सामने लाने के लिए कम्प्युटर पर वैठें तथा लिख भेजे हमें हमारे पास और यह आपके अपने नाम से ही प्रकाशित किया जाएगा।
जो लेख आपको अच्छा लगे उस पर
कृपया टिप्पणी करना न भूलें आपकी टिप्पणी हमें प्रोत्साहित करने वाली होनी चाहिए।जिससे हम और अच्छा लिख पाऐंगे।

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Email Subscription

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner